Wednesday, 13 September 2017

RAPE - Is it our character or a crime..?? | Article in Hindi

आजकल अखबारों में, न्यूज चैनल्स पर गुडगाँव के "रेयान इंटरनेशनल स्कूल" का नाम बहुत आ रहा है.....!! जी हाँ ये वो ही स्कूल हैं जहाँ एक बस कंडक्टर द्वारा सात साल के मासूम के साथ पहले दुष्कर्म का प्रयास किया जाता है....और फिर उसके चिल्लाने पर चाकू से उसका गला रेत दिया जाता है..!! ठीक दो दिन बाद दिल्ली के एक स्कूल में एक चपरासी द्वारा छ: साल की मासूम के साथ रेप किया जाता है........याद करिये ये वो ही दिल्ली, हरियाणा वाला ईलाका है जहाँ कुछ दिन पहले एक बलात्कारी को बचाने के लिये तीन लाख लोग सड़क पर आ गये थे.....!!
मैं पूछता हूँ....अब कहाँ हैं वो सभी लोग...?? एेसे लोगो की वजह से ही रोजाना पता नही कितने बलात्कारी पनपते हैं......!!

इससे पहले, जयपुर मे एक महिने पहले 3-3 साल की दो मासूमों के साथ रेप की खबर सामने आई थी।
रोजाना अखबारों मे ऐसी रेप की पता नही कितनी ही न्यूज आती हैं...!!!
सही बताऊ तो रोना आता हैं, मुझे तो.......मतलब यार लड़कियाँ ना तो माँ की कोख मे सुरक्षित हैं, ना ही अपने घर में और ना ही अपने स्कूल में..........अब वे भरोसा करे तो किस पर करे...!!

कभी-कभी तो मुझे एेसा लगता हैं जैसे कि
 "रेप" ही इस देश का चरित्र और संस्कृत हो गया हैं......!!
और अखबारों मे तोे रेप की सिर्फ वो न्यूज आती हैं जो थानो तक पहुंच पाती हैं। रेप के आधे से ज्यादा केस तो रिपोर्ट ही नही होते।

क्या आपने कभी सोचा  है कि इंडिया में रोजाना कितने रेप होते होंगे......
5....?
10...?
15.....?
नहीं......हर 14 मिनट मे एक बेटी को रेप का सामना करना पड़ता हैं।
हर दिन मे लगभग 103 बेटियों का जीवन नरक बन रहा है.....!!
अगर 1-1 बेटियों के दुखों को हर दिन अखबारों मे छापा जाये तो मेरे खयाल से पेज भी कम पड जायेंगे..!!

बेटियों का दर्द सिर्फ पढ़िये नहीं....
सोचिये समझिये ओर खुद को बेटियों की जगह रखकर उनके दर्द के महसूस करना सीखिये......
ताकि हमारी बहनो को इन दर्दनाक 14 मिनट से छुटकारा मिल सके।

सोचिएगा कि एक बलात्कार पीड़ित माँ बहन बेटी पर उसके बाद क्या गुज़रती है।

मेरे को तो ये समझ नहीं आता कि हमारा देश इतना धार्मिक होने के बावजूद भी एेसी घटनायें कैसे हो जाती हैं......यहाँ हर साल नवरात्रों में लड़कियों को पूजा जाता है, रक्षाबंधन पर भाई अपनी बहन की रक्षा करने का वचन लेता हैं....और हमारे शास्त्रों में लिखा है कि जहाँ नारी पूजा होती हैं वहाँ भगवान निवास करते हैं...!!
ओर तो ओर हम हर साल 15 अगस्त के दिन हमारी स्वतंत्रता का दिखावा करते हैं......जबकि सच्चाई ये हैं कि उस दिन भी हमारी बहन स्वतंत्रता की सांस नही ले पाती....जो कि इसी 15 अगस्त के दिन चंडीगढ़ मे हुआ था.....परेड से लोटते वक्त 12 साल की लड़की से रेप..!!

क्या आपने कभी सोचा हैं कि आखिर इंडिया मे इतने रेप क्यों होते हैं......एेसा क्या हैं हमारी सोसाइटी में, जिसके कारण लोग ना तो रिश्तो को देखते हैं ना ही उम्र को...!! बस लड़की देखते ही हैवानो की तरह उस पर टूट पड़ते है...!!

दो बूब्स, एक वेजाइना और पेनिस, शायद इन्हीं के होने से रेप होता हैं..!! नहीं......बूब्स रेप का कारण नहीं हो सकते। जिन छोटी-छोटी बच्चियों के स्तन नहीं होते, उनका भी रेप हो जाता है।
फिर तो वेेजाइना के कारण ही रेप होते होंगे। नहीं......बाल शोषण के 52% केसो में लडको (boy baby) के साथ रेप हुआ है, जबकि वहां कोई वेजाइना नहीं होती, जैसा कि 5 दिन पहले रेयान इंटरनेशनल स्कूल में सात साल के प्रद्युमन के साथ हुआ.....वहां तो कोई वेजाईना नही थी....फिर भी उसके साथ रेप का प्रयास किया गया।
तो यानि रेप पेनिस के कारण होते हैं, लेकिन मैंने कई हॉस्टल और जैल के कितने ही किस्से सुने हैं जहाँ लडको के साथ भी रेप हुआ है। यानी जिनके पास पेनिस हैं, उनका भी रेप हुआ है।
और अगर रेप सिर्फ पेनिस के कारण होते हैं तो रेप/गैंगरेप के बाद लड़की के शरीर में सरिये, कंकर और काँच जैसी चीजें क्यों डालते हैं...!!
यानी रेप पेनिस, वेजाइना (शरीर की संरचना) के कारण नहीं होते....!!
तो शायद छोटे कपड़े पहनने के कारण रेप होते होंगे...!! तो क्या अब छोटी-छोटी बच्चियों को भी साड़ी पहनाना शुरू कर दे। क्यों कि रेप तो उनके साथ भी होता हैं। तो मतलब छोटे कपड़े भी रेप का कारण नहीं हैं....!!

तो आखिर एेसा क्या हैं जिसके कारण रेप होते है....!! रेप उस मानसिकता के कारण होते हैं जो लड़की की शर्ट दो बटनो के बीच  के गेप से उनके बूब्स  झांकने की कोशिश करते हैं.....!!
जो सूट के कोने से दिख रही ब्रा की स्ट्रीप को घूरते हैं और लड़की के बूब्स का इमेजिनेशन करते हैं....!!
जो स्कर्ट पहनी लड़की की टांगे घूरते रहते है कि कब थोड़ी सी स्कर्ट खिसके, कब पेंटी का कलर देख सके, पेंटी न सही, कुछ तो दिखे....!!
जो पार्क में बेठे कपल्स को देखकर सोचते हैं काश ये लड़की मुझे मिल जाए तो पता नहीं मैं क्या क्या कर दूँ......!!
वो मानसिकता..........
जब एक दोस्त, दुसरे से कहता है- तू अपनी गर्लफ्रेंड के साथ रात में रूका और तुने कुछ भी नहीं किया, नामर्द हैं क्या.....???
जब एक दोस्त, अपने दुसरे फ़्रेंड्स से कहता है....लडकी शक्ल से तो अच्छी हैं पर उसके पास सामान नहीं है...!!

दोस्तो रेप सिर्फ इसी गन्दी मानसिकता के कारण होते हैं और यही सच्चाई हैं......जब एक अकेली लडकी बस मे चढ़ती हैं तो क्यो सबकी नज़रे उसको ताकने लगती हैं...??
अरे वो भी तो किसी की बहन, बेटी हैं। हमारा कोई अधिकार नहीं कि, हम किसी की बहन, बेटी को इस गन्दी मानसिकता से देखे....!!
अगर हम मानते हैं कि ये हमारा अधिकार है तो हमें ये भी याद रखना चाहिए कि हमारी बहन, बेटी को भी इसी तरह से देखने का अधिकार सबको हैं....!!

कभी-कभी तो ऐसा खयाल आता इन बलात्कारियो को एक एक को गोली से उडा दूं.....!! हमारी सोसाइटी के माहोल की वजह से एक लड़की कुछ बोल नही पाती लेकिन जिस दिन से उसने पलटकर जवाब देना शुरु कर दिया ना.....यकीन मानिये भारत का इतिहास बदल जायेगा।

और मुझे विश्वास हैं वो दिन जरूर आयेगा। जब एक आदमी को रेप तो क्या, किसी लड़की नजर उठाकर भी देखने का खयाल तक नहीं आयेगा।
अरे....रेप करने वालो सुन लो
मुझे पता नही तुम्हारे बहन-बेटी हैं या नही....
पर तुमको जन्म देने वाली तुम्हारी माँ जरूर रोती होगी... तुम्हारे इस काम के लिये.....!! वो रोती होगी यह सोचकर कि मैंने देश को एक बलात्कारी दिया हैं.....!!!

दोस्तो......इस आर्टीकल को लिखने का मकसद किसी को दुख पहुँचाना नहीं है.......बस मैने हमारी सोसाइटी की एक सच्चाई को सबके सामने लाने का प्रयास किया है.....प्लीज आप इसे जरूर शेयर करेें...!!
पुरा आर्टीकल पढने के लिये आपका धन्यवाद....!!
#KeepSmiling
#BeHappyKeepHappy

Saturday, 22 July 2017

इन 5 मंत्र के चलते 26 साल से दुखी नहीं हुआ दुनिया का ये इकलौता खुश इंसान



 आज हम आपको एक ऐसे इंसान से मिलवाने जा रहे है,जो दुनिया का इकलौता सबसे खुशहाल इंसान है। जो आखिरी बार 1991 में दुखी हुआ था। जिसकी खुशी से हैरान होकर अमेरिकन यूनिवर्सिटी ने खुशी का कारण जानने के लिए 12 साल तक रिसर्च किया हो..वो भी दिमाग में 256 सेंसर लगाकर और इन सभी के चलते जिसे खुद यूनाइटेड नेशन(UN)ने अपनी हैप्पीनेस रिपोर्ट 2016 में धरती का सबसे खुशहाल इंसान माना हो। जिसने 45 साल में खुशी को अपनी आदत बना लिया हो।

अपने रीडर्स में खुशी की आदत डेवलप कराने के लिए कुछ शोधकर्ताओं ने दुनिया के इस इकलौते सबसे खुशहाल इंसान मैथ्यू रिकार्ड का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू लिया। बातचीत में साइंटिस्ट मैथ्यू ने बताया,"मैं फ्रांस में पैदा हुआ। 1971-72 से लेकर अब तक मैं लगातार खुशी को अपनी आदत बनाने में लगा हूं। इन 45 सालों में मैंने खुद पर अलग-अलग रिसर्च कर खुश रहने के साइंटिफिक से लेकर अलग-अलग तरह के तरीके डेवलप कर लिए हैं। यही मेरी लाइफ की सबसे बड़ी प्रॉपर्टी है।"

आज से एक ऑफिस गोइंग से लेकर स्टूडेंट,हाउस वाइफ या बाकी लोग भी मैथ्यू की तरह खुशी को अपनी आदत बना सकें। इसके लिए हमने मैथ्यू से आपके लिए खुश रहने के सबसे सरल 5 तरीकों को जाना।जिसे कम से कम 3 महीने लगातार फॉलो कर खुद में आप खुशी की आदत डेवलप कर सकते हैं। बता दें,वैसे तो मैथ्यू खुश रहने के लिए मेडिटेशन से लेकर कई मुश्किल तरीके अपनाते हैं। लेकिन हम यहां उन्हीं तरीकों को बता रहे हैं जो डे टु डे की बिजी लाइफ में हम-आप कर सकें।पहले मैथ्यू की जुबानी जानें उनके सबसे खुशहाल बनने की पूरी कहानी...फिर जानें 24 घंटे खुश रहने के इन 5 मंत्रों को...

इंडिया के टीचर के चलते लगी खुश रहने की आदत
बातचीत में 70 साल के मैथ्यू ने बताया,"पहले वो आज के लोगों की तरह छोटी-छोटी बातों पर टेंशन में आ जाते थे। 1972 के करीब जब वो दार्जिलिंग आए, तब उनके टीचर कांगयूर ने डे टूु डे लाइफ में खुश रहना सिखाया। धीरे-धीरे वो आदत बनने लगी।"
"यही मेरी लाइफ का यू-टर्न बना। इसके बाद मैंने फ्रांस छोड़कर दार्जिलिंग-नेपाल रहने का फैसला लिया।"

1991 में टीचर की डेथ पर आखिरी बार हुए थे दुखी
#.प्रोफेशन से साइंटिस्ट और पीएचडी होल्डर मैथ्यू ने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बताया,"मुझे सबसे ज्यादा दुख 1991 में मेरे सबसे प्रिय टीचर और मुझे दुनिया का सबसे खुशहाल इंसान बनाने वाले इंसान Dilgo Khyentse Rinpoche की डेथ पर हुआ था। आखिरी बार मैं तभी दुखी हुआ था।"
#.हंसते हुए मजाक में उन्होंने कहा,"फिलहाल तो मैं जो दुनिया का सबसे खुशहाल इंसान बन गया हूं, वो भी मेरे लिए अब दुख बन गया है। मैं जहां जाता हूं, वहां लोग मुझसे मेरी खुशी का फॉर्मूला पूछने लगते हैं।"

खुशी का राज जानने अमेरिकन यूनिवर्सिटी ने 12 साल किया दिमाग को हाईजैक
#.मैथ्यू के मुताबिक,"उनके हमेशा खुश रहने के पीछे का क्या राज है, ये जानने के लिए अमेरिका की नंबर 1 यूनिवर्सिटी विसकॉन्सिन के साइंटिस्ट ने मेरे दिमाग पर 12 साल रिसर्च किया।"
#."इस दौरान मेरे सिर पर 256 सेंसर लगाकर बुरी से बुरी परिस्थितियों में दिमाग के अंदर क्या चल रहा है, वह कैसे काम कर रहा है, इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार की।"
#."इस रिसर्च में मेरे अंदर एक गामा तरंग पाई गई। ये तरंग दुनिया में बहुत कम लोगों में डेवलप होती है। इसका काम हर कंडीशन में खुशी के लेवल को बढ़ाना होता है। इस तरंग को मैंने खुद डेवलप किया था।"

दिमाग के अंदर के 4 केमिकल्स की मदद से ऐसे खुश होता है इंसान
#.इंसान के दिमाग में खुशी,दुख,क्रोध,प्यार और बाकी फीलिंग से जुड़े अलग-अलग केमिकल होते हैं। इन्हीं के एक्टिव और डिएक्टिव होने से इंसान के दिमाग में अलग-अलग फीलिंग्स आती हैं।
#.खुशी को लेकर भी ऐसा ही सिस्टम है। हमारे दिमाग में माथे से सटे आगे के भाग और कान के ऊपर राइट हैंड पर हैप्पीनेस से जुड़ा 2 एरिया होता है।
#.हैप्पीनेस केमिकल्स की बात करें तो दिमाग में इनकी संख्या 4 होती है। इनके नाम हैं Dopamine,Oxytocin,Serotonin, Endorphins.
#.यही 4 केमिकल अलग-अलग कंडीशन में दिमाग में बने हैप्पीनेस के 2 एरिया में ज्यादा या कम होकर खुशी बढ़ाते या घटाते हैं।

मंत्र नंबर #1
1 से 2 मिनट तक आंख बड़ी करके देखना
कब करें: सुबह उठते ही

तरीका:
#.सुबह उठते ही पीले रंग की किसी आकृति को 1 से 2 मिनट तक आंखें बड़ी करके लगातार देखें।
#.फिर आंख को 30 सेकंड बंद करके दोबारा खोलें। अब आप रूटीन वर्क स्टार्ट सकते हैं।
#.संभव हो तो ऐसा सुबह के उगते सूरज की तरफ देखकर करें।

इससे कैसे खुशी मिलेगी:
#.न्यूरो साइंस में पीला रंग खुशी और उम्मीद को रिफ्लेक्ट करता है।
#.ऐसे में, सोकर उठते ही इंसान के दिमाग में मौजूद हैप्पीनेस का केमिकल एक्टिव हो जाएगा। अगले कुछ घंटे दिमाग खुश रहेगा।
#.इसी साइंटिफिक कारण के चलते स्माइली के इमोजी का कलर पीला रखा गया है।
#.बता दें, इंसान के दिमाग में हैप्पीनेस के 4 केमिकल होते हैं। इनका शॉर्ट फॉर्म DOSE है।

मंत्र नंबर #2
हर घंटे में 10 सेकंड की Kindness एक्सरसाइज
कब करें: सुबह उठने से सोने तक हर घंटे

तरीका:
#.अपनी जगह पर खड़े होकर पहले हाथ ऊपर करें। 10 सेकंड के लिए बॉडी को स्ट्रेच करते हुए अपने किसी सोशल अचीवमेंट के बारे में
सोचे। नोट करें।
#.मैथ्यू के सजेशन से गूगल ने इस एक्सरसाइज को अपने इम्प्लॉइज के मैनुअल में शामिल किया।

इससे कैसे खुशी मिलेगी:
#.हाथ ऊपर पर बॉडी को स्ट्रेच करने से हमारी मांसपेशियां रिलैक्स मोड में चली जाती हैं।
#.दिमाग इसे रीड करके फीलिंग्स से जुड़े केमिकल्स को को नॉर्मल कंडीशन में ले आता है।
#.ऐसे में सोशल अचीवमेंट के बारे में सोचने पर खुशी-प्राइड केमिकल्स एक्टिव हो जाते हैं।

मंत्र नंबर #3
बच्चों, वाइफ, मां-बाप जिसे सबसे ज्यादा चाहते हैं, उसकी मुस्कुराती तस्वीर 1 मिनट तक लगातार देखना
कब: जब भी खुश होना चाहें

तरीका:
#.वर्किंग प्लेस या घर में अपने सबसे चहेते की मुस्कुराती तस्वीर जरूर लगाएं।
#.जब आप टेंशन फील करें या एनर्जी लेवल लो लगे तो इस तस्वीर को 1 मिनट तक लगातार देखें।
#.ध्यान रहे इस दौरान दिमाग में और कुछ ना चले। सिर्फ तस्वीर पर फोकस हो।
#.तस्वीर ना हो तो रोड पर चलती गाड़ियों या खिड़की के बाहर गार्डन की घास को भी देख सकते हैं।


इससे कैसे खुशी मिलेगी:
#.लगातार 1 मिनट तक देखने पर दिमाग फ्लैश बैक में चला जाता है।
#.रिसर्च के मुताबिक, इससे दिमाग में उस डियर वन से जुड़ी पॉजिटिव याद रिकॉल होती है। 1 मिनट तक देखने से ये यादें स्ट्रेस
रिलीज करके खुशी केमिकल को ब्रेन में फैला देता है।
#.बता दें, एक स्वस्थ इंसान के दिमाग में सबसे पहले एक्टिव होने वाला केमिकल हैप्पीनेस का ही होता है।



मंत्र नंबर #4
चॉकलेट या अखरोट खाएं
कब करें: डिप्रेशन फील होने या जब अनुमान के मुताबिक परिणाम न मिले

तरीका:
जैसे नॉर्मल खाते हैं, वैसे खाएं।

इससे कैसे खुशी मिलेगी:
#.चॉकलेट और अखरोट में polyphenols केमिकल होता है।
#.ये बॉडी में जाकर दिमाग के हैप्पीनेस पार्ट को एक्टिव करने का काम करते हैं।
#.डार्क चॉकलेट खाने पर इसका असर और बढ़ जाता है।

मंत्र नंबर #5
मुंह खोलकर फेक स्माइल
कब करें: हर घंटे या जब नर्वस फील करें

तरीका:
हंसी ना भी आए तो मुंह खोलकर हंसे।

इससे कैसे खुशी मिलेगी:
#.जब मुंह खोलते हैं तो दिमाग के आगे की तरफ वाली हैप्पीनेस नसों पर जोर पड़ता है।
#.इससे इनमें खिंचाव आता है और एक्चुअल साइज से ज्यादा फैल कर केमिकल्स स्प्रेड करती हैं।
#.इससे कुछ देर के लिए हैप्पीनेस लेवल बढ़ता है।

#Always_keep_smiling
#BeHappyKeepHappy

Sunday, 2 July 2017

What Is Success....?? | Article In Hindi


अक्सर ये सवाल हम सबके दिमाग में पता नही कितने ही बार आता हैं कि आज के टाईम सक्सेस क्या हैं या हमारी लाईफ का गोल क्या हैं..? अगर आप भी ये जानना चाहते है कि आखिर हमारे जीवन की परपज़ क्या है तो आप इस आर्टीकल को एकबार जरूर पढ़े।

सबसे पहले तो हमें ये समझना चाहिए कि हर व्यक्ति के लिये सक्सेस की डेफ़िनिशन अलग अलग होती हैं। जैसे किसी के लिये पैसा, किसी के लिये अपनी हैल्थ, किसी के लिये जाॅब, किसी के लिये रिलेशनशिप आदि। लेकिन मेरे लिये सक्सेस की परिभाषा कुछ ओर ही है। मैं ये मानता हूँ कि जिस काम को करने मे मुझे सबसे ज्यादा खुशी मिलती हैं वो ही मेरे लिये सक्सेस है। लेकिन देखा जाये तो सबके लिये खुशी ही सबसे बड़ी सक्सेस हैं। जैसे कि किसी को एक अच्छी जाॅब चाहिए क्योंकि वह उस जाॅब से हमेशा खुश रहेगा, किसी को ढेर सारा पैसा चाहिए ताकि बाद मे वो हैप्पी लाईफ जी सके। तो मेरे कहने का मतलब यही हैं कि हमारी लाईफ का अल्टीमेट गोल सिर्फ ओर सिर्फ अपनी अंदर की खुशी है। तो क्यो न हम अपने अल्टीमेट गोल पर फोकस करे बजाय पैसो के, अच्छी जाॅब और हैल्थ के। क्योंकि दुनिया मे एेसे पता नही कितने ही लोग हैं जिनके पास ढेर सारा पैसा तो है लेकिन चेहरे पर बिलकुल भी खुशी नही हैं और जिनके पास अच्छी जाॅब या अच्छी हैल्थ हैं वो भी अपनी लाईफ से खुश नही हैं। तो एक बात तो साफ है कि हमारी खुशी का इन सब चीजों से कोई लेना-देना नहीं हैं लेकिन हाँ.......इन सबसे खुशी मिलती तो है लेकिन कुछ दिनो के लिये। इन सब चीजों से हमेशा के लिये खुशी नही मिल सकती। चलो एक बार मैंने मान लिया कि आप ढेर सारा पैसा कमा लोगे या एक अच्छी जाॅब लग जाओगे लेकिन इस बात की क्या गारंटी हैं कि आप ये सब मिलने के बाद भी खुश रहोगे और आप सब भी जानते हो कि पैसा कितना भी हो लेकिन वो हमारी खुशी, हमारे इमोशंस कभी नही खरीद सकता।

लेकिन अफसोस की बात ये है कि आजकल सबने अपनी खुशी को इन सब चीजो सो कनेक्ट कर रखा हैं..!!
आज के इंडियन यूथ के लिये सक्सेस की डेफ़िनिशन...
किसके पास अच्छा शरीर हैं, किसके पास  ब्रांडेड गाड़ी हैं, किसके पास सबसे महंगी बाईक हैं, कौन सबसे खुबसूरत दिखता है, कौन ब्रांडेड कपड़े पहनता हैं, किसके पास आईफोन हैं.............ऐसी पता नही कितनी ही बकवास चीजो पर आज कल के लोगो की खुशी डिपेंड करती हैं। इन सब चीजो से सिर्फ टेम्पररी प्लेजर मिलता हैं मेरा तो सिर्फ ये ही मानना है कि इन सब चीजों से जितना कम अटैचमेंट होगा उतना ही हमारे लिये अच्छा होगा। मैं सिर्फ ये ही कहना चाहता हूँ कि आप अपनी खुशी की चाबी अपने हाथ मे ही रखे और जब चाहे खुश रहें ना कि किसी चीज पर डिपेंड रहे.....!!!
तो आज से हमारी लाईफ का गोल सिर्फ ओर सिर्फ अपनी अंदर की खुशी होनी चाहिए।

अंदर की खुशी कैसे मिलेगी...!!
(How to get Permanent Happiness)

पहली बात तो ये याद रखे कि खुशी एक च्वाईस हैं, इसका मतलब हम जब चाहे खुश रह सकते हैं। जो भी आपको पसंद हैं, आप वो ही करें। जिस काम को  करने में आपको सबसे ज्यादा खुशी मिलती हो या अंदर से अच्छी फिलिंग आती हो, वो ही करे। जैसे कि किसी को डांस करना बहुत पसंद हैं, किसी को स्पोर्ट्स में रूचि है तो किसी को गाना गाने में। किसी को बारिश में भीगने में खुशी मिलती हैं तो किसी को बाईक राईडिंग में। कोई दुसरो की हेल्प करके अपनी खुशी पाता है तो कोई छोटे बच्चों के साथ बच्चा बनकर।

 अगर आप अपनी लाईफ को बारीकी से देख पाये तो आपके आस-पास खुश रहने के इतने ऑप्शन हैं कि आप सोच भी नहीं सकते। चलो मैं आपको एक बात बताता हूं......जब कभी भी आप उदास हो तो मोबाईल में आपका सबसे फेवरेट गाना प्ले करदे और इयरफोन लगाकर उसे फिलिंग के साथ सुने, वादा करता हुँ आप अपनी सारी प्रॉब्लम्स भुल जाओगे या जब भी अपने आप को अकेला महसूस करे तो आप उन किड्स के बारे मे सोचिये जो आपको सबसे प्यारे लगते हैं.......आपका अकेलापन भी दुर हो जायेगा।

आपकी खुशी से बढ़कर दुनिया मे कोई चीज नहीं है तो आप वो ही करे जिसे करने मे आपको खुशी मिले ना कि वो करे जो दुनिया आपसे करवाना चाहती है। अगर आपको अपने आस-पास सफाई करने मे खुशी मिलती है तो करिये, चाहे दुनिया कुछ भी कहे क्योंकि सामने वालो तो नही पता कि आप अंदर से कितने खुश हो।
अगर कोई बंदा ज्युस का ठेला लगाता है और वो लोगो को ज्युस पिलाकर ईमानदारी से पैसे कमाता हैं और सबसे बड़ी बात ये कि वो अपने इस पेशे से बहुत खुश हैं। साथ ही साथ वो अपने परिवार को भी पुरा टाईम देता है। तो मेरे खयाल से ये बंदा उन सब लोगो से लाखों-करोड़ो गुना सक्सेसफुल हैं जिनके पास ढेर सारा पैसा, बड़ा बिज़नेस होने के बाद भी अपने परिवार को समय नही दे पाते।

अब मैं आपको बताता हूँ कि आप इस समय कितने सक्सेसफुल हो।
हमारे देश में करीब 40 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनको अभी तक पढ़ना भी नहीं आता और 50 करोड़ लोग ऐसे जिनको इंटरनेट का इस्तेमाल करना भी नहीं आता और पता नहीं कितने लोग ऐसे हैं जिनके अपने दोनो हाथ नहीं हैं। और आप अभी अपने हाथों मे अपने मोबाइल तो पकड़कर, इंटरनेट के माध्यम से ये आर्टीकल पढ़ पा रहे हो। खुश रहने के लिये तीन चीजे तो मैंने अभी ही बता दी। अब सोचिये आप इन सब लोगो से कितना सक्सेसफुल हो आपके पास तो सबकुछ हैं, आपको तो हमेशा खुश रहना चाहिए।

इसलिये आप के पास जो भी है, जितना भी है उसी में खुश रहें। अगर आप हमेशा खुश रहते हो तो आप इस दुनिया के सबसे अमीर इंसान हो, चाहे मानो या ना मानो। आप ऐसे ही हँसते रहे, मुस्कराते रहे और हमेशा याद रखे कि हमारी खुशी ही हमारी सबसे बड़ी सक्सेस है। आशा करता हूँ आपको ये आर्टीकल जरूर पसंद आया होगा। प्लीज लाईक और शेयर करे। और कमेंट बाॅक्स मे अपना फिडबेक जरूर दे।


Saturday, 24 June 2017

These Two Words Makes You Most Frankly Person

आजकल हर कोई दुसरे लोगों को इंप्रेस करने में लगे हुए हैं लेकिन जल्दबाजी मे वे ऐसी छोटी-छोटी गलतियाँ कर बैठते हैं जिनकी वजह से उन्हें बाद मे नुकसान झेलना पड़ता है।
तो आज हम दो ऐसे शब्दों की बात करेंगे जिनका सही समय पर सही इस्तेमाल आपको सबसे फ्रेंकली पर्सन बना देगा।

ये दो शब्द हैं - साॅरी और थैंक्यू।

जी हाँ.....ये दो शब्द ऐसे हैं जिनका हम रोजाना इस्तेमाल करते हैं लेकिन बहुत कम लोग ही ये बात जानते हैं कि ये दो शब्द किसी भी इंसान का दिल जीतने की ताकत रखते हैं। इन शब्दों का सही समय पर, सही इस्तेमाल दुश्मन को भी दोस्त बना सकते है। यदि आपने छोटी सी भी गलती की है, तो आपको तुरंत प्रभाव से साॅरी बोल देना चाहिए। ऐसा करने से सामने वाले की नजर में आपकी इज्जत बढती हैं। अगर आपको थोड़ा सा भी लगे कि आपसे कोई मिस्टेक हो गई, तुरंत साॅरी बोल दे। इसके लिये आपको अपनी ईगो और ऐटीट्युड को साईड मे रखना होगा।

और थैंक्यू बोलने में तो शायद किसी को भी प्रॉब्लम नहीं होनी चाहिये। अगर किसी ने आपकी थोड़ी सी भी हेल्प की हो तो उसे थैंक्यू कहना कभी ना भूले। और हाँ, अगर कोई आपके चेहरे पर मुस्कान लाता हैं या किसी की वजह से आपको खुशी मिलती है, तो उसे आप जितना थैंक्यू बोलोगे उतना ही कम हैं क्योंकि किसी को खुशी देना आम बात नहीं हैं, ये तो अनमोल चीज हैं जोकि लाखों-करोड़ो रूपयों से भी नहीं मिल सकती। किसी ने आप पर थोड़ा-सा भी ऐहसान किया हो, वे आपके पैरंट्स, फ़्रेंड्स, रिलेटिव्ज या कोई अनजान भी हो सकते हैं तो उनका भी सम्मान करो, चाहे वो हमारे आसपास हो या ना हो। जैसे कि अभी आप अपने पेरेंट्स को थैंक्यू बोल सकते हो जिन्होंने आपको ये मोबाईल दिलवाया। मैं आप सबको थैंक्यू कह सकता हूँ, जो कि टाईम निकालकर आपने मेरा ये आर्टीकल पढ़ा।

साॅरी या थैंक्यू कहने से हम छोटे नहीं हो जाते बल्कि हमारा आपस मे प्यार बढ़ता है। लव और फ़्रेंडशिप की शुरुआत भी तो इन्हीं दो शब्दों से होती हैं।
और हाँ......!! ये दो वर्ड्स आपको सबसे खुशनुमा इंसान भी बनाते है। इसलिये कभी भी साॅरी और थैंक्यू कहना ना भूले। मैं एक बार फिर दिल से आपका शुक्रिया करना चाहुंगा, इस आर्टीकल को पढने के लिये। अगर आपको ये आर्टीकल पसंद आया तो कमेंट बाॅक्स मे अपनी राय जरूर दे।

खुश रहो खुश रखो
धन्यवाद....!!

Sunday, 11 June 2017

आज कल का प्यार

Real Definition Of Love


प्यार.....कहने को तो यह ढाई अक्षर का शब्द हैं लेकिन आजकल इसकी अहमियत बहुत कम लोग जानते हैं. प्यार को अच्छे से Define किया जाये तो It's about Understanding and Caring, nothing else.

लेकिन आजकल तो लोगों ने इसकी परिभाषा ही चेंज कर दी। आजकल प्यार का रिश्ता, सिर्फ जिस्म तक सीमित रह गया हैं, जो कि एक बेड पर आकर खत्म हो जाता है।
"आज की मोहब्बत हो चुकी हैं, चलो अब कपड़े पहन लो" ये है आजकल का True Love. आप खुद ही सोचिये ना कि अगर जिस्मानी प्यार ही सब-कुछ होता तो आज सबसे ज्यादा आशिक एक धंधे वाली के होते।
मैं सबको तो Blame नहीं कर रहा लेकिन आजकल Mostly यही हो रहा है। एक दिन मेरे एक फ्रेंड ने मेरे से पूछा- "तेरी कोई गर्लफ्रेंड हैं...??"
मैंने कहा- "हाँ हैं बहुत सारी"।
फिर उसने कहा- "बहुत सारी.....मतलब।"
"हाँ मेरी बहुत सारी लड़कियाँ फ्रेंड हैं मतलब Girlfriends, simple यार"- मैंने कहा।
फिर उसने हँसते हुये कहा- "अरे नहीं......मैं तो उस वाली गर्लफ्रेंड की बात कर रहा हूँ"।
"उस वाली...??"- मैंने पूछा।
उसने कहा- "अरे यार काम चलाऊ"।
मैंने मना कर दिया कि "नहीं भाई, मेरे ऐसी कोई गर्लफ्रेंड नहीं हैं"।

और ये बात आपने भी कई बार सुनी होगी। तो क्या यही है आज का काम चलाऊ सच्चा प्यार (True Love).
लोगो को अभी तक True Love की ABCD भी नहीं पता और कहते हैं कि वो मेरी Crush हैं और मुझे उससे सच्चा प्यार हैं। मतलब आप किसी को सिर्फ दुर से देखकर या किसी की शक्ल-सूरत देखकर कैसे Decision ले सकते हो कि मैं इसके साथ पुरी जिंदगी बिता सकता/सकती हूं...!!
लेकिन अफसोस की बात ये है कि आजकल यही हो रहा हैं। और फिर यही से शुरू होती हैं ढेर सारी Expectations.
अगर expect पुरी नहीं हुई तो फिर शुरू होती हैं लडाई Then Breakups.
तो ये सब सच्चा प्यार (True Love)  नही है....सिर्फ एक-दूसरे से Attachments हैं।

और आजकल हम facebook and insta पर जो ये ट्रोल्स पढते हैं ना कि "प्यार में सिर्फ दर्द मिलता है, प्यार की कीमत आंसुओं से चुकानी पड़ती हैं या प्यार मे Heart Break होते है"। ऐसा कुछ नहीं हैं, ये सब बकवास हैं।

True Love करने वालो की डिक्शनरी में Break-up, Divorces, Hurts, Expectations, tears नाम के कोई शब्द नही है। सच्चा प्यार करने वालो को इस जन्म मे तो क्या, अगले सात जन्मों तक कोई अलग नहीं कर सकता। और जिनके ये Break-up होते हैं ना उनमें सिर्फ Attachments होती हैं ना कि कोई True Love becoz सच्चा प्यार करने वाले एक दुसरे की गलती को समझकर उसको solve करने की कोशिश करते हैं ना कि एक दुसरे को रूलाते हैं।

और मैं लड़कियों से एक बात कहना चाहुंगा कि अगर कोई आपसे सच्चा प्यार करता है तो वो आपसे शादी से पहले कभी भी शारीरिक संबंध नही बनायेगा और न ही वो आपको इसके लिये Force करेगा। वो तो आपके साथ-साथ आपकी Family की भी Care करेगा तो आप आसानी से सामने का पता लगा सकती हो कि Is it Lust or Love..?? और दुसरी बात ये कि आप पर ढेर सारा प्यार लुटाने वाली आपकी  Family हमेशा आपके साथ है। Reality को समझे उसके बाद ही आगे का Decision ले........और आखिर मे एक बात कहना चाहुंगा कि अगर आप हमेशा खुश रहना चाहते है तो सबसे प्यार करो....!!
I support Love because It is powerful energy in this world, if it's in Right Direction
 
           
#AlwaysKeepSmiling
#BeHappyKeepHappy

Monday, 29 May 2017

Happiest People Live By These 11 words

Happy people don't want a perfect life, they just want a happy life and live by these words....👇👇

#1. LOVE
Love people and experience over things.

#2. KINDNESS
Be the reason someone believes in the goodness of people.

#3. GRATITUDE
There are so many reasons to be happy.

#4. FORGIVENESS
When you forgive, you heal.
When you let go, you grow.

#5. HEATH
True happiness and wealth lies in good health.
#6. INTEGRITY
Do the right things, even when no one is watching.

#7. RESPECT
Treat others like you would like be treated.

#8. PATIENCE
Everything will fall into place, just be patient.

#9. PEACE
Don't let people or situation destroy your inner peace.

#10. HOPE
Always stay hopeful, you never know what the day bring.

#11. LAUGHTER
Life is better when you laugh often.
हमेशा खुश रहो क्योंकि....
खुशी मुफ्त में मिली एक बेशकीमती चीज है।यह अगर पास में हो तो पुरी दुनिया सुहानी नजर आती हैं और खुशी के दूर होते ही वीरान,
लेकिन खुश रहना और दुसरो को खुशी देना इतना आसान काम नही है।

तनाव और दिमाग मे उमड़ती घुमड़ती ढेर सारी बातें खुशी को तुरंत गायब कर देती हैं और फिर होता है तो सिर्फ लटका चेहरा
खुश रहने के लिये आप ये कर सकते हैं।
1.भरपूर नींद ले
2.दुसरो की मदद करे
3.परिवार को समय दे‍
4.अपना मनपसंद खेल खेले
5.रोज कसरत व योगा करे
6.रोज कही घूमने जाये
खुश रहिये, स्वस्थ रहिये क्योंकि........
1.खुश रहने से हमारा दिल और दिमाग दोनों स्वस्थ रहते हैं।
2.हमारे अंदर कभी नकारात्मक विचार नहीं आते।
3.हम हमारी प्यारी सी Smile से किसी का भी दिल जीत सकते हैं।
#Be_Happy #Keep_Happy

Tuesday, 2 May 2017

जाने आखिर क्यों आते हैं, हमारे खुशी के आंसू...!!


मशहूर गीतकार आंनद बख्शी करीब तीन दशक पहले "रोते रोते हंसना सीखो, हंसते-हंसते रोना" सीखने का संदेश देता गीत लिख चुके हैं, लेकिन ऐसा करने के लिये किसी को सीखना नहीं पड़ता। कभी कभी ऐसा हो जाता हैं कि हंसते हंसते ही आंखों से आंसू छलक जाते हैं। हंसते-हंसते आंसू बहने का पहला कारण यह बताया जाता हैं कि खुलकर हंसते हुये हमारे चेहरे की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से काम करती हैं। ऐसा होने पर हमारी आंखों ये यानी अश्रु ग्रंथियों से भी दिमाग का नियंत्रण हट जाता है इसलिए आंसू निकल पड़ते हैं।

इससे मिलती जुलती ही एक वजह यह भी मानी जाती हैं कि बहुत ज्यादा हंसने की स्थिति में व्यक्ति भाव-विभोर हो जाता है। बहुत ज्यादा भावुक होने के कारण चेहरे की कोशिकाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और यह दबाव भी आपके आंसू निकाल देता है। ऐसा करते हुए शरीर आंसुओं के जरिए तनाव को संतुलित करने की प्रक्रिया में होता है।
#Be_Happy #Keep_Happy

Saturday, 29 April 2017

JOY OF GIVING


#Must_read
एक पाँच छे. साल का मासूम सा बच्चा अपनी छोटी बहन को लेकर मंदिर के एक तरफ कोने में बैठा हाथ जोडकर भगवान से न जाने क्या मांग रहा था.

कपड़े में मेल लगा हुआ था मगर निहायत साफ, उसके नन्हे नन्हे से गाल आँसूओं से भीग चुके थे।

बहुत लोग उसकी तरफ आकर्षित थे और वह बिल्कुल अनजान अपने भगवान से बातों में लगा हुआ था।

जैसे ही वह उठा एक अजनबी ने बढ़ के उसका नन्हा सा हाथ पकड़ा और पूछा-
"क्या मांगा भगवान से"

उसने कहा-
"मेरे पापा मर गए हैं उनके लिए स्वर्ग,
मेरी माँ रोती रहती है उनके लिए सब्र,
मेरी बहन माँ से कपडे सामान मांगती है उसके लिए पैसे"।

"तुम स्कूल जाते हो"
अजनबी का सवाल स्वाभाविक सा सवाल था।
"हां जाता हूं" उसने कहा।

"किस क्लास में पढ़ते हो ?" अजनबी ने पूछा
"नहीं अंकल पढ़ने नहीं जाता, मां चने बना देती है वह स्कूल के बच्चों को बेचता हूँ,

बहुत सारे बच्चे मुझसे चने खरीदते हैं, हमारा यही काम धंधा है"

बच्चे का एक एक शब्द मेरी रूह में उतर रहा था ।

"तुम्हारा कोई रिश्तेदार"
न चाहते हुए भी अजनबी बच्चे से पूछ बैठा।

"पता नहीं, माँ कहती है गरीब का कोई रिश्तेदार नहीं होता,
माँ झूठ नहीं बोलती,

पर अंकल,
मुझे लगता है मेरी माँ कभी कभी झूठ बोलती है,
जब हम खाना खाते हैं हमें देखती रहती है,
जब कहता हूँ
माँ तुम भी खाओ, तो कहती है मेंने खा लिया था, उस समय लगता है झूठ बोलती है "

"बेटा अगर तुम्हारे घर का खर्च मिल जाय तो पढाई करोगे ?"
"बिल्कुलु नहीं"

"क्यों"

"पढ़ाई करने वाले गरीबों से नफरत करते हैं अंकल,

हमें किसी पढ़े हुए ने कभी नहीं पूछा - पास से गुजर जाते हैं"

अजनबी हैरान भी था और शर्मिंदा भी।

फिर उसने कहा
" हर दिन इसी इस मंदिर में आता हूँ, कभी किसी ने नहीं पूछा - यहाँ सब आने वाले मेरे पिताजी को जानते थे - मगर हमें कोई नहीं जानता

"बच्चा जोर-जोर से रोने लगा" अंकल जब बाप मर जाता है तो सब अजनबी क्यों हो जाते हैं ?"

मेरे पास इसका कोई जवाब नही था और ना ही मेरे पास बच्चे के सवाल का जवाब है।

ऐसे कितने मासूम होंगे जो हसरतों से घायल हैं
बस एक कोशिश कीजिये और अपने आसपास ऐसे ज़रूरतमंद यतिमो, बेसहाराओ को ढूंढिये और उनकी मदद किजिए........!

"मंदिर मे सीमेंट या अन्न की बोरी देने से पहले अपने आस - पास किसी गरीब को देख लेना शायद उसको आटे की बोरी की ज्यादा जरुरत हो।

स्वयं में व समाज में बदलाव लाने के प्रयास जारी रखें।
इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है
#Be_Happy #Keep_Happy


Saturday, 1 April 2017

6 WAYS TO CREATE GOOD KARMA

HERE ARE 6 WAYS TO CREATE GOOD KARMA

1. TELL THE TRUTH
Anytime you tell a lie, even if it’s a small one, you set yourself up for deceit and hidden agendas from other people. Also, others won’t trust you as much once they find out you have been lying. The old saying “honesty is the best policy” still holds true today – telling the truth allows people into your life who also tell the truth. Not only will you attract trustworthy people into your life, but you will feel better knowing that you’re living authentically without having to cover up lies with more lies. Lying becomes exhausting after a while anyway, so you could even argue that it’s better for your health to tell the truth from the get-go.

2. LIVE PURPOSEFULLY
Whatever you do in life, do it fully and set clear intentions for what you want. Don’t be afraid to go after your goals, and try to help others along your journey to fulfillment as well. Put out your best effort and true self into the world, and the universe will send you experiences and people to match your energy.

3. HELP PEOPLE
Expanding upon the last point, helping others creates good karma because others will be more likely to help you should you need it. A life lived for others is never a life wasted, so use your unique talents and traits to help others along this crazy rollercoaster of life. They will appreciate your help, and you will make an ever-lasting mark on their life. Not to mention, when you help others, you also help yourself. If you have been feeling a bit empty or lost lately, just simply offer your help to someone. Everyone needs a purpose in life, and helping people should always be a part of that purpose.

4. MEDITATE
When everything else fails, just go within and quiet your mind. Pay attention to the thoughts in your brain, and make sure they stay positive so you can continue to attract positivity. When your thoughts become frazzled, you’re more prone to bad karma because you haven’t cleared a space in your head and heart for the universal energy to flow through. It’s important to connect with your highest self often and clear your head so you can put your best self forward into the world and exude good energy.

5. PRACTICE COMPASSION AND KINDNESS
If you want compassion and kindness from others, you have to give it as well. Life works in cycles of giving and receiving, and the more you give, the more you will receive. Everyone fights tough battles on a daily basis, so remember to show kindness to them and empathize with their struggles. Try to help as many people as you can by spreading kindness – the world can never have enough kindness.

6. REMEMBER THE BIG PICTURE
While life may seem like a series of uncontrollable, atrocious events on the surface, remember to look beyond the illusions and remind yourself what you’re really here for. We all came here to heal past karma and become the best versions of ourselves, so keep this in mind each day when you wake up. Will your thoughts and actions today represent someone who wants good or bad things to happen? You can invite positive events and people into your life by remembering that you came from a place of pure love, and embodying that energy once again.

This world could use a lot more good energy, and it all begins with you. You can reflect this energy onto others, and therefore change the world. Stop feeling so small when you have the whole universe inside of you!

#AlwaysKeepSmiling
#BeHappyKeepHappy

Monday, 13 March 2017

Welcome to 21st Century

जाने-अनजाने मे हम सभी ने अपने इतने अच्छे व पवित्र Indian culture को छोड़ western culture अपना लिया हैं....! वो बेकार सा western culture जिसमे हम सभी अंधे हुये पडे हैं...!!
हमें पता ही नही हैं कि क्या सही है क्या गलत.....बस जो दुनिया कर रही हैं वो ही हम कर रहे है।

आजकल कुछ ऐसा है हमारा Culture..👇👇

* Where sex is free and love is costly...

* Where loosing a phone is more painful than loosing VIRGINITY...

* Where boys flirt and pass bad comments to other girls,but cant see, if a boy do this with their Sister..

* Where, if u don't cheat on your partner, u are not sharp and smart..

* Where Bathrooms have become photo STUDIO...

* Where getting a iPhone is greater than achieving B.Tech or B.S.c DEGREE...

* Where yahoo boys have brighter future than graduates...

* Where temples are turned into dating points...

* Where worshiping God is difficult...

* Where lies are turned into realities..

* Where ladies fear pregnancy than HIV...

* Where pizza delivery is faster than emergency response...

* Where people fear thieves, robbers, terrorist than they fear God..

* Where people go to Masjid/church with Phone chargers than Quran /Bible..

* Where outlook and clothes decides the value of person....

* Where money is more important than family and friends...

* Where people are ready to leave their family for their love...

* Where guys are scared of getting married but love to have sex..

* Where Love is a Game Who plays it with mind, always get happiness And who really cares for it Always get hurt..
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Nowadays we do this And we say we are modern...!!

#AlwaysKeepSmiling
#BeHappyKeepHappy

RAPE - Is it our character or a crime..?? | Article in Hindi

आजकल अखबारों में, न्यूज चैनल्स पर गुडगाँव के "रेयान इंटरनेशनल स्कूल" का नाम बहुत आ रहा है.....!! जी हाँ ये वो ही स्कूल हैं जहाँ ए...