Tuesday, 2 May 2017

जाने आखिर क्यों आते हैं, हमारे खुशी के आंसू...!!


मशहूर गीतकार आंनद बख्शी करीब तीन दशक पहले "रोते रोते हंसना सीखो, हंसते-हंसते रोना" सीखने का संदेश देता गीत लिख चुके हैं, लेकिन ऐसा करने के लिये किसी को सीखना नहीं पड़ता। कभी कभी ऐसा हो जाता हैं कि हंसते हंसते ही आंखों से आंसू छलक जाते हैं। हंसते-हंसते आंसू बहने का पहला कारण यह बताया जाता हैं कि खुलकर हंसते हुये हमारे चेहरे की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से काम करती हैं। ऐसा होने पर हमारी आंखों ये यानी अश्रु ग्रंथियों से भी दिमाग का नियंत्रण हट जाता है इसलिए आंसू निकल पड़ते हैं।

इससे मिलती जुलती ही एक वजह यह भी मानी जाती हैं कि बहुत ज्यादा हंसने की स्थिति में व्यक्ति भाव-विभोर हो जाता है। बहुत ज्यादा भावुक होने के कारण चेहरे की कोशिकाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और यह दबाव भी आपके आंसू निकाल देता है। ऐसा करते हुए शरीर आंसुओं के जरिए तनाव को संतुलित करने की प्रक्रिया में होता है।
#Be_Happy #Keep_Happy

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