Saturday, 22 July 2017

इन 5 मंत्र के चलते 26 साल से दुखी नहीं हुआ दुनिया का ये इकलौता खुश इंसान



 आज हम आपको एक ऐसे इंसान से मिलवाने जा रहे है,जो दुनिया का इकलौता सबसे खुशहाल इंसान है। जो आखिरी बार 1991 में दुखी हुआ था। जिसकी खुशी से हैरान होकर अमेरिकन यूनिवर्सिटी ने खुशी का कारण जानने के लिए 12 साल तक रिसर्च किया हो..वो भी दिमाग में 256 सेंसर लगाकर और इन सभी के चलते जिसे खुद यूनाइटेड नेशन(UN)ने अपनी हैप्पीनेस रिपोर्ट 2016 में धरती का सबसे खुशहाल इंसान माना हो। जिसने 45 साल में खुशी को अपनी आदत बना लिया हो।

अपने रीडर्स में खुशी की आदत डेवलप कराने के लिए कुछ शोधकर्ताओं ने दुनिया के इस इकलौते सबसे खुशहाल इंसान मैथ्यू रिकार्ड का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू लिया। बातचीत में साइंटिस्ट मैथ्यू ने बताया,"मैं फ्रांस में पैदा हुआ। 1971-72 से लेकर अब तक मैं लगातार खुशी को अपनी आदत बनाने में लगा हूं। इन 45 सालों में मैंने खुद पर अलग-अलग रिसर्च कर खुश रहने के साइंटिफिक से लेकर अलग-अलग तरह के तरीके डेवलप कर लिए हैं। यही मेरी लाइफ की सबसे बड़ी प्रॉपर्टी है।"

आज से एक ऑफिस गोइंग से लेकर स्टूडेंट,हाउस वाइफ या बाकी लोग भी मैथ्यू की तरह खुशी को अपनी आदत बना सकें। इसके लिए हमने मैथ्यू से आपके लिए खुश रहने के सबसे सरल 5 तरीकों को जाना।जिसे कम से कम 3 महीने लगातार फॉलो कर खुद में आप खुशी की आदत डेवलप कर सकते हैं। बता दें,वैसे तो मैथ्यू खुश रहने के लिए मेडिटेशन से लेकर कई मुश्किल तरीके अपनाते हैं। लेकिन हम यहां उन्हीं तरीकों को बता रहे हैं जो डे टु डे की बिजी लाइफ में हम-आप कर सकें।पहले मैथ्यू की जुबानी जानें उनके सबसे खुशहाल बनने की पूरी कहानी...फिर जानें 24 घंटे खुश रहने के इन 5 मंत्रों को...

इंडिया के टीचर के चलते लगी खुश रहने की आदत
बातचीत में 70 साल के मैथ्यू ने बताया,"पहले वो आज के लोगों की तरह छोटी-छोटी बातों पर टेंशन में आ जाते थे। 1972 के करीब जब वो दार्जिलिंग आए, तब उनके टीचर कांगयूर ने डे टूु डे लाइफ में खुश रहना सिखाया। धीरे-धीरे वो आदत बनने लगी।"
"यही मेरी लाइफ का यू-टर्न बना। इसके बाद मैंने फ्रांस छोड़कर दार्जिलिंग-नेपाल रहने का फैसला लिया।"

1991 में टीचर की डेथ पर आखिरी बार हुए थे दुखी
#.प्रोफेशन से साइंटिस्ट और पीएचडी होल्डर मैथ्यू ने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बताया,"मुझे सबसे ज्यादा दुख 1991 में मेरे सबसे प्रिय टीचर और मुझे दुनिया का सबसे खुशहाल इंसान बनाने वाले इंसान Dilgo Khyentse Rinpoche की डेथ पर हुआ था। आखिरी बार मैं तभी दुखी हुआ था।"
#.हंसते हुए मजाक में उन्होंने कहा,"फिलहाल तो मैं जो दुनिया का सबसे खुशहाल इंसान बन गया हूं, वो भी मेरे लिए अब दुख बन गया है। मैं जहां जाता हूं, वहां लोग मुझसे मेरी खुशी का फॉर्मूला पूछने लगते हैं।"

खुशी का राज जानने अमेरिकन यूनिवर्सिटी ने 12 साल किया दिमाग को हाईजैक
#.मैथ्यू के मुताबिक,"उनके हमेशा खुश रहने के पीछे का क्या राज है, ये जानने के लिए अमेरिका की नंबर 1 यूनिवर्सिटी विसकॉन्सिन के साइंटिस्ट ने मेरे दिमाग पर 12 साल रिसर्च किया।"
#."इस दौरान मेरे सिर पर 256 सेंसर लगाकर बुरी से बुरी परिस्थितियों में दिमाग के अंदर क्या चल रहा है, वह कैसे काम कर रहा है, इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार की।"
#."इस रिसर्च में मेरे अंदर एक गामा तरंग पाई गई। ये तरंग दुनिया में बहुत कम लोगों में डेवलप होती है। इसका काम हर कंडीशन में खुशी के लेवल को बढ़ाना होता है। इस तरंग को मैंने खुद डेवलप किया था।"

दिमाग के अंदर के 4 केमिकल्स की मदद से ऐसे खुश होता है इंसान
#.इंसान के दिमाग में खुशी,दुख,क्रोध,प्यार और बाकी फीलिंग से जुड़े अलग-अलग केमिकल होते हैं। इन्हीं के एक्टिव और डिएक्टिव होने से इंसान के दिमाग में अलग-अलग फीलिंग्स आती हैं।
#.खुशी को लेकर भी ऐसा ही सिस्टम है। हमारे दिमाग में माथे से सटे आगे के भाग और कान के ऊपर राइट हैंड पर हैप्पीनेस से जुड़ा 2 एरिया होता है।
#.हैप्पीनेस केमिकल्स की बात करें तो दिमाग में इनकी संख्या 4 होती है। इनके नाम हैं Dopamine,Oxytocin,Serotonin, Endorphins.
#.यही 4 केमिकल अलग-अलग कंडीशन में दिमाग में बने हैप्पीनेस के 2 एरिया में ज्यादा या कम होकर खुशी बढ़ाते या घटाते हैं।

मंत्र नंबर #1
1 से 2 मिनट तक आंख बड़ी करके देखना
कब करें: सुबह उठते ही

तरीका:
#.सुबह उठते ही पीले रंग की किसी आकृति को 1 से 2 मिनट तक आंखें बड़ी करके लगातार देखें।
#.फिर आंख को 30 सेकंड बंद करके दोबारा खोलें। अब आप रूटीन वर्क स्टार्ट सकते हैं।
#.संभव हो तो ऐसा सुबह के उगते सूरज की तरफ देखकर करें।

इससे कैसे खुशी मिलेगी:
#.न्यूरो साइंस में पीला रंग खुशी और उम्मीद को रिफ्लेक्ट करता है।
#.ऐसे में, सोकर उठते ही इंसान के दिमाग में मौजूद हैप्पीनेस का केमिकल एक्टिव हो जाएगा। अगले कुछ घंटे दिमाग खुश रहेगा।
#.इसी साइंटिफिक कारण के चलते स्माइली के इमोजी का कलर पीला रखा गया है।
#.बता दें, इंसान के दिमाग में हैप्पीनेस के 4 केमिकल होते हैं। इनका शॉर्ट फॉर्म DOSE है।

मंत्र नंबर #2
हर घंटे में 10 सेकंड की Kindness एक्सरसाइज
कब करें: सुबह उठने से सोने तक हर घंटे

तरीका:
#.अपनी जगह पर खड़े होकर पहले हाथ ऊपर करें। 10 सेकंड के लिए बॉडी को स्ट्रेच करते हुए अपने किसी सोशल अचीवमेंट के बारे में
सोचे। नोट करें।
#.मैथ्यू के सजेशन से गूगल ने इस एक्सरसाइज को अपने इम्प्लॉइज के मैनुअल में शामिल किया।

इससे कैसे खुशी मिलेगी:
#.हाथ ऊपर पर बॉडी को स्ट्रेच करने से हमारी मांसपेशियां रिलैक्स मोड में चली जाती हैं।
#.दिमाग इसे रीड करके फीलिंग्स से जुड़े केमिकल्स को को नॉर्मल कंडीशन में ले आता है।
#.ऐसे में सोशल अचीवमेंट के बारे में सोचने पर खुशी-प्राइड केमिकल्स एक्टिव हो जाते हैं।

मंत्र नंबर #3
बच्चों, वाइफ, मां-बाप जिसे सबसे ज्यादा चाहते हैं, उसकी मुस्कुराती तस्वीर 1 मिनट तक लगातार देखना
कब: जब भी खुश होना चाहें

तरीका:
#.वर्किंग प्लेस या घर में अपने सबसे चहेते की मुस्कुराती तस्वीर जरूर लगाएं।
#.जब आप टेंशन फील करें या एनर्जी लेवल लो लगे तो इस तस्वीर को 1 मिनट तक लगातार देखें।
#.ध्यान रहे इस दौरान दिमाग में और कुछ ना चले। सिर्फ तस्वीर पर फोकस हो।
#.तस्वीर ना हो तो रोड पर चलती गाड़ियों या खिड़की के बाहर गार्डन की घास को भी देख सकते हैं।


इससे कैसे खुशी मिलेगी:
#.लगातार 1 मिनट तक देखने पर दिमाग फ्लैश बैक में चला जाता है।
#.रिसर्च के मुताबिक, इससे दिमाग में उस डियर वन से जुड़ी पॉजिटिव याद रिकॉल होती है। 1 मिनट तक देखने से ये यादें स्ट्रेस
रिलीज करके खुशी केमिकल को ब्रेन में फैला देता है।
#.बता दें, एक स्वस्थ इंसान के दिमाग में सबसे पहले एक्टिव होने वाला केमिकल हैप्पीनेस का ही होता है।



मंत्र नंबर #4
चॉकलेट या अखरोट खाएं
कब करें: डिप्रेशन फील होने या जब अनुमान के मुताबिक परिणाम न मिले

तरीका:
जैसे नॉर्मल खाते हैं, वैसे खाएं।

इससे कैसे खुशी मिलेगी:
#.चॉकलेट और अखरोट में polyphenols केमिकल होता है।
#.ये बॉडी में जाकर दिमाग के हैप्पीनेस पार्ट को एक्टिव करने का काम करते हैं।
#.डार्क चॉकलेट खाने पर इसका असर और बढ़ जाता है।

मंत्र नंबर #5
मुंह खोलकर फेक स्माइल
कब करें: हर घंटे या जब नर्वस फील करें

तरीका:
हंसी ना भी आए तो मुंह खोलकर हंसे।

इससे कैसे खुशी मिलेगी:
#.जब मुंह खोलते हैं तो दिमाग के आगे की तरफ वाली हैप्पीनेस नसों पर जोर पड़ता है।
#.इससे इनमें खिंचाव आता है और एक्चुअल साइज से ज्यादा फैल कर केमिकल्स स्प्रेड करती हैं।
#.इससे कुछ देर के लिए हैप्पीनेस लेवल बढ़ता है।

#Always_keep_smiling
#BeHappyKeepHappy

Sunday, 2 July 2017

What Is Success....?? | Article In Hindi


अक्सर ये सवाल हम सबके दिमाग में पता नही कितने ही बार आता हैं कि आज के टाईम सक्सेस क्या हैं या हमारी लाईफ का गोल क्या हैं..? अगर आप भी ये जानना चाहते है कि आखिर हमारे जीवन की परपज़ क्या है तो आप इस आर्टीकल को एकबार जरूर पढ़े।

सबसे पहले तो हमें ये समझना चाहिए कि हर व्यक्ति के लिये सक्सेस की डेफ़िनिशन अलग अलग होती हैं। जैसे किसी के लिये पैसा, किसी के लिये अपनी हैल्थ, किसी के लिये जाॅब, किसी के लिये रिलेशनशिप आदि। लेकिन मेरे लिये सक्सेस की परिभाषा कुछ ओर ही है। मैं ये मानता हूँ कि जिस काम को करने मे मुझे सबसे ज्यादा खुशी मिलती हैं वो ही मेरे लिये सक्सेस है। लेकिन देखा जाये तो सबके लिये खुशी ही सबसे बड़ी सक्सेस हैं। जैसे कि किसी को एक अच्छी जाॅब चाहिए क्योंकि वह उस जाॅब से हमेशा खुश रहेगा, किसी को ढेर सारा पैसा चाहिए ताकि बाद मे वो हैप्पी लाईफ जी सके। तो मेरे कहने का मतलब यही हैं कि हमारी लाईफ का अल्टीमेट गोल सिर्फ ओर सिर्फ अपनी अंदर की खुशी है। तो क्यो न हम अपने अल्टीमेट गोल पर फोकस करे बजाय पैसो के, अच्छी जाॅब और हैल्थ के। क्योंकि दुनिया मे एेसे पता नही कितने ही लोग हैं जिनके पास ढेर सारा पैसा तो है लेकिन चेहरे पर बिलकुल भी खुशी नही हैं और जिनके पास अच्छी जाॅब या अच्छी हैल्थ हैं वो भी अपनी लाईफ से खुश नही हैं। तो एक बात तो साफ है कि हमारी खुशी का इन सब चीजों से कोई लेना-देना नहीं हैं लेकिन हाँ.......इन सबसे खुशी मिलती तो है लेकिन कुछ दिनो के लिये। इन सब चीजों से हमेशा के लिये खुशी नही मिल सकती। चलो एक बार मैंने मान लिया कि आप ढेर सारा पैसा कमा लोगे या एक अच्छी जाॅब लग जाओगे लेकिन इस बात की क्या गारंटी हैं कि आप ये सब मिलने के बाद भी खुश रहोगे और आप सब भी जानते हो कि पैसा कितना भी हो लेकिन वो हमारी खुशी, हमारे इमोशंस कभी नही खरीद सकता।

लेकिन अफसोस की बात ये है कि आजकल सबने अपनी खुशी को इन सब चीजो सो कनेक्ट कर रखा हैं..!!
आज के इंडियन यूथ के लिये सक्सेस की डेफ़िनिशन...
किसके पास अच्छा शरीर हैं, किसके पास  ब्रांडेड गाड़ी हैं, किसके पास सबसे महंगी बाईक हैं, कौन सबसे खुबसूरत दिखता है, कौन ब्रांडेड कपड़े पहनता हैं, किसके पास आईफोन हैं.............ऐसी पता नही कितनी ही बकवास चीजो पर आज कल के लोगो की खुशी डिपेंड करती हैं। इन सब चीजो से सिर्फ टेम्पररी प्लेजर मिलता हैं मेरा तो सिर्फ ये ही मानना है कि इन सब चीजों से जितना कम अटैचमेंट होगा उतना ही हमारे लिये अच्छा होगा। मैं सिर्फ ये ही कहना चाहता हूँ कि आप अपनी खुशी की चाबी अपने हाथ मे ही रखे और जब चाहे खुश रहें ना कि किसी चीज पर डिपेंड रहे.....!!!
तो आज से हमारी लाईफ का गोल सिर्फ ओर सिर्फ अपनी अंदर की खुशी होनी चाहिए।

अंदर की खुशी कैसे मिलेगी...!!
(How to get Permanent Happiness)

पहली बात तो ये याद रखे कि खुशी एक च्वाईस हैं, इसका मतलब हम जब चाहे खुश रह सकते हैं। जो भी आपको पसंद हैं, आप वो ही करें। जिस काम को  करने में आपको सबसे ज्यादा खुशी मिलती हो या अंदर से अच्छी फिलिंग आती हो, वो ही करे। जैसे कि किसी को डांस करना बहुत पसंद हैं, किसी को स्पोर्ट्स में रूचि है तो किसी को गाना गाने में। किसी को बारिश में भीगने में खुशी मिलती हैं तो किसी को बाईक राईडिंग में। कोई दुसरो की हेल्प करके अपनी खुशी पाता है तो कोई छोटे बच्चों के साथ बच्चा बनकर।

 अगर आप अपनी लाईफ को बारीकी से देख पाये तो आपके आस-पास खुश रहने के इतने ऑप्शन हैं कि आप सोच भी नहीं सकते। चलो मैं आपको एक बात बताता हूं......जब कभी भी आप उदास हो तो मोबाईल में आपका सबसे फेवरेट गाना प्ले करदे और इयरफोन लगाकर उसे फिलिंग के साथ सुने, वादा करता हुँ आप अपनी सारी प्रॉब्लम्स भुल जाओगे या जब भी अपने आप को अकेला महसूस करे तो आप उन किड्स के बारे मे सोचिये जो आपको सबसे प्यारे लगते हैं.......आपका अकेलापन भी दुर हो जायेगा।

आपकी खुशी से बढ़कर दुनिया मे कोई चीज नहीं है तो आप वो ही करे जिसे करने मे आपको खुशी मिले ना कि वो करे जो दुनिया आपसे करवाना चाहती है। अगर आपको अपने आस-पास सफाई करने मे खुशी मिलती है तो करिये, चाहे दुनिया कुछ भी कहे क्योंकि सामने वालो तो नही पता कि आप अंदर से कितने खुश हो।
अगर कोई बंदा ज्युस का ठेला लगाता है और वो लोगो को ज्युस पिलाकर ईमानदारी से पैसे कमाता हैं और सबसे बड़ी बात ये कि वो अपने इस पेशे से बहुत खुश हैं। साथ ही साथ वो अपने परिवार को भी पुरा टाईम देता है। तो मेरे खयाल से ये बंदा उन सब लोगो से लाखों-करोड़ो गुना सक्सेसफुल हैं जिनके पास ढेर सारा पैसा, बड़ा बिज़नेस होने के बाद भी अपने परिवार को समय नही दे पाते।

अब मैं आपको बताता हूँ कि आप इस समय कितने सक्सेसफुल हो।
हमारे देश में करीब 40 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनको अभी तक पढ़ना भी नहीं आता और 50 करोड़ लोग ऐसे जिनको इंटरनेट का इस्तेमाल करना भी नहीं आता और पता नहीं कितने लोग ऐसे हैं जिनके अपने दोनो हाथ नहीं हैं। और आप अभी अपने हाथों मे अपने मोबाइल तो पकड़कर, इंटरनेट के माध्यम से ये आर्टीकल पढ़ पा रहे हो। खुश रहने के लिये तीन चीजे तो मैंने अभी ही बता दी। अब सोचिये आप इन सब लोगो से कितना सक्सेसफुल हो आपके पास तो सबकुछ हैं, आपको तो हमेशा खुश रहना चाहिए।

इसलिये आप के पास जो भी है, जितना भी है उसी में खुश रहें। अगर आप हमेशा खुश रहते हो तो आप इस दुनिया के सबसे अमीर इंसान हो, चाहे मानो या ना मानो। आप ऐसे ही हँसते रहे, मुस्कराते रहे और हमेशा याद रखे कि हमारी खुशी ही हमारी सबसे बड़ी सक्सेस है। आशा करता हूँ आपको ये आर्टीकल जरूर पसंद आया होगा। प्लीज लाईक और शेयर करे। और कमेंट बाॅक्स मे अपना फिडबेक जरूर दे।


RAPE - Is it our character or a crime..?? | Article in Hindi

आजकल अखबारों में, न्यूज चैनल्स पर गुडगाँव के "रेयान इंटरनेशनल स्कूल" का नाम बहुत आ रहा है.....!! जी हाँ ये वो ही स्कूल हैं जहाँ ए...